संज्ञा किसे कहते है: भेद, परिभाषा तथा इसके प्रकार

हिंदी को सही ढंग से जानने के लिए हिंदी व्याकरण का ज्ञान होना बेहद जरुरी है| इसलिए आज हम आपको हिंदी व्याकरण के बेहद महत्वपूर्ण अंश संज्ञा के बारे में जानकारी दे रहे है। 

संज्ञा का इस्तेमाल आपके दैनिक क्रियाकलाप में भी शामिल रहता है| यदि आपको इस विषय में कोई जानकारी नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं आज हम आपको संज्ञा किसे कहते है विस्तार पूर्वक बताएंगे। 

संज्ञा किसे कहते है भेद, परिभाषा तथा इसके प्रकार
संज्ञा किसे कहते है

संज्ञा (noun) किसे कहते है ?

किसी भी वाक्य में उपयोग होने वाले शब्द को पद कहा है| पद पांच प्रकार के होते है संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण व अव्यय| आज के लेख में हम आपको संज्ञा व संज्ञा के प्रकारो की जानकारी दे रहे है। 

हिंदी व्याकरण में संज्ञा एक तरह का विकारी शब्द होता है| विकारी अर्थात जिसमे हम बदलाव कर सके| सरल भाषा में कहा जाए जो संज्ञा का मतलब नाम होता है, इसका उपयोग किसी व्यक्ति, वस्तु, जाति, स्थान, जन्तु या फिर भाव के नाम को दर्शाने में किया जाता है| 

चलिए इसे हम उदारहण से भी समझ कर देखते है|


संज्ञा के उदाहरण:- 

व्यक्ति – व्यक्ति – किसी व्यक्ति को दर्शाने के लिए आप किसी भी नाम को ले सकते है जैसे – आशीष, मोहन, स्वप्निल आदि ये सारे नाम किसी व्यक्ति विशेष को दर्शाते है| 

वस्तु – वस्तुओं के सारे नाम जैसे मेज,पेन, लैपटॉप आदि वस्तु विशेष दर्शाते है| 

जाति – जाति में किसी मनुष्य की जाति, पशु पक्षियों की जाति, पेड़ पोधो की जाति आदि जातियों के नाम हो सकते है|

स्थान- स्थान में जगहों के नाम होते है जैसे – दिल्ली, मुम्बई, कानपुर, लखनऊ आदि स्थानों के नाम दर्शाये जाते है| 

जन्तु –  प्राणियों के नाम जैसे बिल्ली, कुत्ता, हाथी, ऊंट आदि| 

भाव – भाव जैसे सुख, दुःख, चिंता आदि| 


संज्ञा के भेद अर्थात इसके प्रकार 

मुख्यतः संज्ञा तीन प्रकार की होती है:- 

  1. व्यक्ति वाचक संज्ञा 
  2. जातिवाचक संज्ञा 
  3. भाववाचक संज्ञा 

व्यक्ति वाचक संज्ञा क्या है?

व्यक्ति वाचक संज्ञा वह संज्ञा होती है जो कि किसी विशेष व्यक्ति, स्थान और वस्तु के नाम का बोध कराती है| जैसे कि यदि किसी व्यक्ति का नाम लिया जाता है तो उसका नाम सुनकर उस व्यक्ति की छवि सामने आ जाती है| 

उदहारण के लिए महेंद्र सिंह धोनी एक विशेष व्यक्ति का नाम है जिसे सुनकर आपके समक्ष महेंद्र सिंह धोनी की छवि आने लगेगी की वह कौन है? कैसा दिखता है?

आदि इसी तरह यदि किसी विशेष स्थान का नाम लेते है जैसे दिल्ली तो आपके समक्ष दिल्ली स्थान से जुडी छवि आएगी| 

व्यक्ति वाचक संज्ञा के अन्य उदाहरण 

  • गंगा नदी एक पवित्र नदी है| इसमें गंगा शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा को दर्शाता है| 
  • श्याम गाना गाता है| इस वाक्य में श्याम शब्द व्यक्ति वाचक संज्ञा है|
  • राम दिल्ली से कानपुर चला गया|  

(आपको बता दे कि ऐसा जरुरी नहीं है कि एक कम्पलीट वाक्य में आपको एक ही व्यक्तिवाचक संज्ञा मिलेगी| एक वाक्य में एक से अधिक व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ भी हो सकती है| जैसे उपरोक्त वाक्य में तीन व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ है – राम ,दिल्ली और कानपुर| )

सर्वनाम किसे कहते हैं


जातिवाचक संज्ञा क्या है?

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है जाति वाचक यानी किसी जाति विशेष को बताने वाला| जातिवाचक संज्ञा वह संज्ञा होती है जो किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु और स्थान कि जाति को दर्शाती है| 

उदाहरण के लिए पर्वत, महासागर, नदी, कुत्ता, बिल्ली आदि| यहाँ कुत्ता, बिल्ली, हाथी, शेर अलग अलग नाम है लेकिन इनकी जाति का नाम जानवर है| जब भी हम हाथी का नाम लेंगे तो हमे उसके नाम के साथ साथ उसकी जाति का भी बोध होता है| 

यदि हम किसी व्यक्ति विशेष की बात करे तो राम एक व्यक्ति वाचक संज्ञा है| लेकिन राम शब्द उसकी जाति का भी बोध कराता है| 

जातिवाचक संज्ञा के अन्य उदाहरण 

  • गाय से दूध प्राप्त होता है| यहाँ पर गाय जाति विशेष को दर्शाती है| जिसमे किसी एक गाय की बात ना होकर समस्त गायों की बात हो रही है| 
  • किसान से हमे अन्न मिलता है| इस वाक्य में किसी एक किसान की बात न होकर किसान जाति की बात को बताया गया है| इसलिए इसमें किसान जाति वाचक संज्ञा कहलायेगा| 
  • रमेश शहर को जाता है| इस वाक्य में शहर शब्द जातिवाचक संज्ञा को दर्शाती है क्यूंकि यहाँ किसी एक खास स्थान की बात न होकर शहर की बात हो रही है| 
जातिवाचक के दो प्रकार होते है समुदायवाचक संज्ञा और द्रव्य वाचक संज्ञा 

समुदायवाचक संज्ञा- समुदायवाचक संज्ञा को समूह वाचक संज्ञा भी कहा जाता है| यदि किसी वाक्य में किसी समुदाय विशेष की बात की जाए तो उसे समुदायवाचक संज्ञा कहते है|

जैसे – कोई बड़ा आंदोलन जहाँ बहुत सारे लोग एकत्रित हो या फिर किसी बहुत सारे जानवरो का झुंड इकट्ठा हुआ हो| यह सब समुदायवाचक संज्ञा की श्रेणी में आती है| 

उदहारण – 
  • विद्यालय, यहाँ बच्चो का समूह होता है जो पढ़ने के लिए जाते है| 
  • रामू ने एक दर्जन केले खरीदे| इस वाक्य में दर्जन शब्द समूह को दर्शाता है इसलिए इसे समूह वाचक संज्ञा कहेंगे| 
  • रजनी ने मेरे जन्मदिन पर फूलो का फुल्दस्ता दिया| यहाँ पर फुल्दस्ता शब्द फूलो  समूह को दर्शाता है इसलिए यह समूह वाचक संज्ञा कहलाता है| 

इसके अतिरिक्त कक्षा, सेना, परिवार आदि भी समुदायवाचक संज्ञा केउदाहरण है| 

द्रव्य वाचक संज्ञा – जब वाक्य में किसी प्रकार के तरल पदार्थो ,धातु और अधातु से सम्बंधित बात होती है तो उसे द्रव्य वाचक संज्ञा कहा जाता है| जैसे पानी, दूध, लोहा, सोना, ऑक्सीजन आदि द्रव्य वाचक संज्ञा केउदाहरण होते है|  

अन्य उदाहरण 

  • जल ही जीवन है| यहाँ पर जल द्रव्य है जो की द्रव्यवाचक संज्ञा का बोध कराता है| 
  • मुझे फल बहुत अच्छे लगते है| इस वाक्य में फल शब्द द्रव्यवाचक संज्ञा को दर्शाता है|  
  • सोने से बने आभूषण बहुत सुन्दर होते है| इसमें सोना शब्द द्रव्यवाचक संज्ञा है|  
  • दूध आपकी सेहत के लिए बेहद अच्छा होता है| इसमें दूध शब्द द्रव्यवाचक संज्ञा को दिखाता है| 

भाववाचक संज्ञा क्या है?

इस संज्ञा में केवल भाव को नहीं देखा जाता है| यह भावो के अतिरिक्त अवस्था, दशा और गुण को भी दर्शाता है| भाववाचक संज्ञा विशेष व्यक्तियों के गुणों, किसी विशेष स्थान के भावो और जंतुओं के भाव व गुणों को दर्शाता है| 

जैसे – यदि भाव की बात करे तो गुस्सा, ख़ुशी, चिंता यह भाव है| बुढ़ापा और बचपन यह दशा को प्रदर्शित करता है| ईमानदारी व्यक्ति के गुण को प्रदर्शित करती है|  

अन्य उदाहरण 

  • रमेश सुरेश से क्रोधित है| यहाँ पर क्रोध का भाव है इसलिए यह भाववाचक संज्ञा को दिखाता है| 
  • संजना और विमला आपस में अच्छे दोस्त है| इस वाक्य में दोस्ती का भाव भाववाचक संज्ञा को दर्शाता है| 
  • गुलाब का फूल बहुत सुन्दर होता है| इसमें सुन्दर शब्द भाववाचक संज्ञा है|
  • राजू से मिलने के बाद पुरानी यादे फिर से ताजा हो गयी| इस वाक्य में दो भाववाचक संज्ञा का उपयोग हुआ है, जैसे पुरानी यादे और ताजा|  

आशा है कि उपरोक्त लेख से आप संज्ञा किसे कहते है पूर्ण रूप से समझ गए होंगे| आप इसे अपने आसपास की चीजों से रिलेट कर सीख सकते है|  

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