सर्वनाम किसे कहते हैं इसकी परिभाषा और सर्वनाम के भेद उदाहरण सहित

इस लेख में बताया गया है की सर्वनाम किसे कहते हैं सर्वनाम के भेद और उसकी परिभाषा इन सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सरल शब्दों में इस लेख में बताया गया है सर्वनाम हिंदी व्याकरण का एक बहुत महत्वपूर्ण विषय है यह विषय अपने आप में ही इतना बड़ा है किस इसको समझने में बहुत समय लग सकता है इसलिए इस लेख में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को सम्मिलित किया गया है जो कि सर्वनाम विषय से संबंधित है जैसे सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न की सर्वनाम किसे कहते हैं तथा उसके कितने भेद होते हैं यह सब प्रश्नों के उत्तर को उदाहरण सहित इस लेख में सम्मिलित किया गया है

सर्वनाम किसे कहते हैं, सर्वनाम की परिभाषा और सर्वनाम के भेद उदाहरण

अगर आप हिंदी व्याकरण को अच्छे से समझना चाहते हैं तो आपको उसमें भाषा और सर्वनाम को समझना बहुत महत्वपूर्ण है बिना सर्वनाम के व्याकरण को समझना बहुत मुश्किल है तो चलिए जानते हैं सर्वनाम किसे कहते हैं

सर्वनाम किसे कहते हैं इसकी परिभाषा

जिन शब्दों का प्रयोग संज्ञा शब्दों के स्थान पर किया जाता है वे सर्वनाम शब्द कहलाते हैं उदाहरण के लिए जैसे – रोहित ने कहा, मैं स्कूल जाता हूं | इस वाक्य में’ मैं शब्द का प्रयोग ‘रोहित’ संज्ञा के बदले में हुआ है इसलिए ‘मैं’ शब्द सर्वनाम है इस प्रकार यह, वह, जो, सो, कोई, कौन, क्या आदि को सर्वनाम कहते हैं सर्वनाम का सबसे मुख्य उपयोग वाक्य के सौंदर्य को बढ़ाना तथा संज्ञा की पुनरुक्ति को दूर करना है

इस सरल उदाहरण के माध्यम से समझिए

  1. राहुल ने राम को एक संदेश भिजवाया
  2. राहुल ने उसको किताब लौटने के लिए कहा
  3. संदेश भेजने के पहले ही वह अपने से ही किताब देकर चला गया

अब इन वाक्यों का अर्थ ध्यानपूर्वक समझिए

पहले वाक्य में राहुल और राम दोनों संज्ञा शब्द है

दूसरे वाक्य में संज्ञा शब्द ‘राम‘ के लिए ‘उसको‘ आया है

वहीं तीसरे वाक्य में ‘वह‘ और ‘अपने‘ शब्द राम के लिए प्रयुक्त है

इस प्रकार दूसरे वाक्य का ‘उसको’ और तीसरे वाक्य का ‘अपने’ और ‘वह’ सर्वनाम शब्द है, यह शब्द जो प्रयोग हो रहे हैं यह संज्ञा शब्दों की जगह पर प्रयोग हो रहे हैं अगर इन शब्दों की जगह संज्ञा शब्दों का प्रयोग किया जाता तो वह शब्द अथवा वाक्य व्याकरण की दृष्टि से अनुचित होते इसलिए इनका प्रयोग यहां किया गया है | 

सर्वनाम के भेद

मुख्यतः सर्वनाम के 6 भेद होते हैं जिनका का प्रयोग किया जाता है यह भेद कुछ इस प्रकार हैं 

  • पुरुषवाचक सर्वनाम
  • निश्चयवाचक सर्वनाम
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  • संबंधवाचक सर्वनाम
  • प्रश्नवाचक सर्वनाम
  • निजवाचक सर्वनाम

पुरुषवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम का प्रयोग वक्ता या लेखक द्वारा स्वयं अपने लिए अथवा किसी अन्य के लिए किया जाता है उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं; जैसे  तू ,वह, मैं, तुम आदि 

वक्ता, श्रोता तथा अन्य के रूपों को व्याकरण में ‘पुरुष’ कहते हैं पुरुष तीन प्रकार के होते हैं इसलिए पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं 

  • उत्तम पुरुष 
  • मध्यम पुरुष 
  • अन्य पुरुष 

उत्तम पुरुष : जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता अपने लिए करता है वह उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम  होते हैं जैसे – हम, हमें, हमको, हमारा, मैं, मेरा आदि

मध्यम पुरुष : जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता द्वारा श्रोता के लिए किया जाता है वह मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम होते हैं जैसे – तुम्हें, तू, तुम, आप, आपको आदि

अन्य पुरुष : जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता द्वारा श्रोता के अलावा अन्य के लिए किया जाए उसे अन्य पुरुष वाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे – उसने, वह, यह, वे, ये, उन्होंने आदि

निश्चयवाचक सर्वनाम

जिन सर्वनामो का प्रयोग किन्हीं निश्चित संज्ञाओं (व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि) के स्थान पर बोध होता है उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे यह, वह, ये, वे, उन्होंने आदि

यह भी ध्यान रखिए : निश्चयवाचक सर्वनामो को संकेतवाचक या निर्देशक सर्वनाम भी कहते हैं

निश्चयवाचक सर्वनामो के साथ यदि संज्ञा शब्द रख दिया जाए तो वह विशेषण बन जाता है निश्चयवाचक संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम को ही निश्चयवाचक सर्वनाम कहा जाता है जैसे –

विशेषण के रूपनिश्चयात्मक सर्वनाम के रूप
यह अंगूर खट्टा हैयह खट्टा है
वह लड़की विनीत की बहन हैवह विनीता की बहन है

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

जिन सर्वनाम शब्द के द्वारा किसी भी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध न हो रहा हो तो वह अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाता है; जैसे – कुछ, कोई, किसी आदि

इस उदाहरण के माध्यम से समझिए

  • अब उस मैदान में खेलने कोई नहीं जाता
  • मुझे ऐसा लगा कि मुझे किसी ने पीछे से आवाज दी
  • यहीं से कुछ लोग गए थे

संबंधवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम में मिश्रित वाक्य में प्रधान वाक्य तथा उपवाक्य में आए संज्ञा या सर्वनाम से संबंध स्थापित होता है उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे – जो – सो, जिसका – उसका, जैसा – वैसा, जो – वह आदि

इसके उदाहरण कुछ इस प्रकार हैं

  • जो सोवत है सो खोवत है
  • जैसा करोगे वैसा ही भरोगे
  • जिसका जो है उसका ही वो रहेगा

प्रश्नवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम किसी ( व्यक्ति प्राणी वस्तु क्रिया व्यापार आदि के विषय में ) प्रश्न का बोध कराते हैं उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे क्या, कौन, कैसी, किसकी आदि

इसके कुछ निम्नलिखित उदाहरणों से समझिए

  • आप यहां क्या कर रहे हैं ?
  • यहां पर कौन आया था ?
  • यह किसकी किताब है ?
  • घर पर कौन आया है ?

निजवाचक सर्वनाम

जहां स्वयं के लिए ‘आप’, ‘अपना’ अथवा ‘अपने’, ‘आप’ शब्द का प्रयोग हो उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे स्वयं आप ही, खुद, अपने आप आदि

  • आज मैं स्वयं ही घर की सफाई करूंगा
  • मैं अपने आप ही पढ़ाई करूंगा
  • मैं खुद से यह कार्य करूंगा

सर्वनाम के वचन

वचनउत्तम पुरुषमध्यम पुरुषअन्य पुरुष
एकवचनमैं तूवह
बहुवचनहमतुम , आपवे

आप आदरसूचक सर्वनाम है इसका प्रयोग मध्यम पुरुष एवं अन्य पुरुष दोनों में होता है सर्वनाम के रूप विभिन्न कार्य को में निम्न प्रकार के होते है

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इस लेख को सरल शब्दों में लिखा गया है जिससे कि आपको समझ में आ जाए कि सर्वनाम किसे कहते हैं आशा करते हैं कि आपको सर्वनाम से जुड़े कुछ प्रश्नों के उत्तर समझ में आए होंगे इसमें हमने सर्वनाम के कितने भेद हैं तथा इन भेदो के उदाहरण सहित उत्तर दिया है उम्मीद है आपको यह लेख पसंद आया होगा

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