व्यायाम का महत्व और निबंध

आज के समय हम कितना भी जीवन में भागदौड़ कर ले लेकिन सच तो यह है कि जब तक शरीर स्वस्थ रहेगा तब तक ही हम जीवन में भागदौड़ कर पाएंगे उसके लिए हमें अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम करने की आवश्यकता होगी |

क्योंकि इससे आसान और सरल तरीका अपने शरीर को स्वस्थ रखने का और कुछ भी नहीं है इसी विषय पर हमने व्यायाम के ऊपर निबंध लिखा है

व्यायाम का महत्व और निबंध, vyayam par nibandh

व्यायाम का अर्थ

शरीर को स्वस्थ रखने में व्यायाम का बहुत महत्व है यदि हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा तो मन भी प्रसन्न रहेगा और हम हर काम आनंद से कर सकेंगे शरीर को अंदर से स्वस्थ और ताकतवर रखने के लिए व्यायाम अति महत्वपूर्ण है

इससे हमारा शरीर निरोगी रहता है व्यायाम करने से अलग दूर रहती है तथा एकाग्रता बनी रहती है शरीर में रक्त प्रवाह भी सही तरीके से होता है तथा त्वचा अंदर के साथ-साथ बाहर से भी ठीक एवं चमकदार होती है

इससे शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी होता है आज के इस भाग दौड़ वाले जीवन में सभी को अपने दिन का कुछ पल व्यायाम के लिए भी निकालना चाहिए क्योंकि जब शरीर स्वस्थ रहेगा तभी कोई दूसरा कार्य हम कर पाएंगे |

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने एक बार कहा था किस शरीर स्वस्थ शरीर ही मनुष्य का असली धन होता है ना कि सोना चांदी और यह बात आज के समय में और आने वाले समय में भी सत्य रहेगी


व्यायाम का महत्व और उस पर निबंध

इस निबंध को सभी प्रकार के विद्यालयों एवं विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है इस निबंध को कुछ इस तरीके से लिखा गया है कि यह छोटे विद्यार्थियों से लेकर बड़े विद्यार्थियों तक के लिए उपयोगी हो

प्रस्तावना

संस्कृत की एक ही में कहा गया है कि सभी प्रकार के धर्मों का निर्वाह तभी संभव हो सकता है जब शरीर स्वस्थ हो, “शरीरमाध खलु धर्म साधनम्” मनुष्य जीवन के समस्त कार्यों का साधन शरीर है

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अनेक उपाय करने पड़ते हैं नियमित और पुष्टि कारक भोजन शरीर की स्वच्छता एवं व्यायाम | व्यायाम एक महत्वपूर्ण उपाय है

व्यायाम के कई रूप हैं जैसे दौड़-भाग, कुश्ती, योगा, तैराकी आदि आजकल कई बड़े एवं छोटे शहरों में जिम और योगा घर खुल चुके हैं जिसमें मशीनों की सहायता से लेकर योगा के माध्यम से शरीर को स्वस्थ और सुडोल बनाया जाता है

व्यायाम की उपयोगिता

व्यायाम से शरीर लचीला बनता है जिससे स्फूर्ति बनी रहती है व्यायाम से शरीर के सभी अंग सचेत हो जाते हैं तथा इससे आलस्य से भी छुटकारा मिलता है

इस में रक्त संचार भी तीव्र रहता है और खूब भूख लगती है और जितना भी खाया पिया जाता है वह सब आसानी से हजम हो जाता है पाचन शक्ति काफी मजबूत हो जाती है

हमारा शरीर पूरे दिन स्फूर्ति से भरा रहता है इस प्रकार का व्यायाम मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है

व्यायाम की आवश्यकता

जो लोग शारीरिक श्रम करते हैं उनके लिए हल्के-फुल्के व्यायाम की आवश्यकता होती है वृद्ध लोगों को भी कभी अधिक व्यायाम नहीं करना चाहिए उनके लिए केवल टहलना ही उचित है

व्यायाम विशेष विधि से ही करना चाहिए नहीं तो वह हानिकारक सिद्ध हो सकता है युवकों को अपने सामर्थ्य के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए

दौड़ अथवा सैर करना भी व्यायाम का ही हिस्सा है इन सब के लिए एक विशेष स्थान होना चाहिए बैडमिंटन जैसे खेलों को खेलने के लिए कम स्थान की आवश्यकता होती है

वही इसी के स्थान पर फुटबॉल जैसे खेलों के लिए हमें बड़े मैदान की आवश्यकता होती है योगासन से शरीर स्वस्थ रहता है इसमें कई रोगों का भी निवारण होता है

योग को हम किसी भी एकांत एवं शांत वातावरण के स्थान पर कर सकते हैं योगासन से हमारा मन शांत रहता है विभिन्न खेलों के लिए कुछ उपकरण चाहिए व्यायाम के इन सभी रूपों का अपना-अपना महत्व है

व्यायाम के लाभ

व्यायाम में नियमित्ता का बहुत महत्व है नियमित व्यायाम करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है कभी-कभी व्यायाम करने से हमारे शरीर में दर्द हो सकता है

व्यायाम खुले एवं स्वच्छ स्थान पर ही करना चाहिए व्यायाम से हमारे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलता है क्षमता से बढ़कर व्यायाम करना शरीर के लिए लाभदायक नहीं होता है

इससे लाभ की जगह हानि होने की संभावना बढ़ जाती हैं नियम पूर्वक थोड़ा-थोड़ा व्यायाम करना शरीर के लिए अधिक लाभदायक होता है

व्यायाम करते समय चित्त को शांत रखना चाहिए ऐसा करने से हम व्यायाम ठीक प्रकार से कर सकते हैं व्यायाम करते समय बातचीत नहीं करना चाहिए एवं पूरा ध्यान व्यायाम करने पर केंद्रित करना चाहिए

व्यायाम से हानि

चरक संहिता के अनुसार व्यायाम के कुछ लाभ हैं तो कुछ हानियां भी हैं व्यायाम शरीर के लिए एक रामबाण की तरह है यह शरीर में उर्जा तथा स्फूर्ति का संचार करता है

लेकिन अगर व्यायाम को ठीक तरीके से ना किया जाए तो यह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है जैसे अपनी क्षमता से अधिक व्यायाम कर लेना शरीर में दर्द तथा सूजन जैसी समस्या को जन्म दे सकता है

वही कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ ना हो तो उसे व्यायाम से शरीर जब तक ठीक ना हो जाए तब तक दूर ही रहना चाहिए नहीं तो उसको अच्छे परिणाम की जगह हानि का सामना करना पड़ सकता है

उपसंहार

खाना जीने के लिए होना चाहिए खाने के लिए जीना यह उचित नहीं है व्यायाम के साथ-साथ पौष्टिक भोजन भी लेना चाहिए जैसे दूध, हरी सब्जिया तथा फलों जैसा सात्विक भोजन ही करना चाहिए केवल पेट भर लेना ही पर्याप्त नहीं है

इसलिए चटपटा तला हुआ अधिक मसालेदार भोजन नहीं करना चाहिए मानव जीवन अमूल्य है इसका कोई मूल्य नहीं है

जीवन में सुख समृद्धि के लिए हमें हमारे शरीर का स्वस्थ एवं निरोगी रखनाअत्यंत आवश्यक है नियम पूर्वक व्यायाम के द्वारा हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं यह बात सोने की तरह खरी है


ध्यान देने योग्य बात

व्यायाम करते समय एक महत्वपूर्ण बात जिसका हमें ध्यान रखना चाहिए कि व्यायाम छोटे बच्चों से लेकर बूढ़े लोगों तक तो करना चाहिए लेकिन छोटे बच्चों का व्यायाम सरल होना चाहिए वही बूढ़े लोगों का व्यायाम भी कुछ और अधिक सरल होना चाहिए

क्योंकि इस समय तक छोटे बच्चों का शरीर पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुआ रहता है वहीं बूढ़े लोगों का शरीर पहले की तुलना में कमजोर हो रहा होता है जिससे हमें व्यायाम करते समय अपने शरीर का ध्यान रखकर व्यायाम करना चाहिए

इस लेख में हमने बड़े ही सरल शब्दों में विज्ञान के महत्व के ऊपर यह लेख लिखा है हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके परीक्षा की दृष्टि से या फिर किसी भी कॉन्पिटिटिव एग्जाम की दृष्टि से आपके लिए मददगार साबित होगा

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